स्थापना दिवस की बधाई उत्तराखण्ड.
सुनो तो सही, बीते सालों में जो हुआ सो हुआ. कई बार भूत को भूल जाना श्रेयस्कर होता है. आप भी कोशिश करो... भूल जाओगे. मुझे पता है आप दांत भींच रहे हैं, मुठ्ठी तान रहे हैं पर सच कहूं तो हमारे माननीय अब सचेत हो गए हैं। अब हर गांव में सीसी मार्ग से लेकर पक्की वाली सड़क बना दी गई है बल, बिल्कुल पक्की वाली, जिसका डामर सदी-सदी तक पीछा नहीं छोड़ेगा, इतनी पक्की. स्कूलों में बच्चों की तो ठाट करवा दी है. एक बखत का दलिया और दाल-भात उन्हें तंदुरुस्त, ह्रस्त-पुष्ट बना रहा है. अध्यापकों की तो फौज खड़ी कर दी है. मजाल है कोई बच्चा पढ़ने-लिखने से छूट जाए. सुनने में तो आया है घर से खींच कर बच्चों को स्कूल ले जा रहे हैं बल... गज़ब का बदलाव आ गया है हो.
जल- ज़मीन बेच खाने वालों की तो खैर नहीं। ऐसी धाराएं लगा दी हैं बल 'माफिया नाम' इतिहास की बात हो गई है और नौजवानों को तो १२ पास होते ही जबरदस्त रोजगार का ऑफर मिल रहा है. इतनी मोटी रकम बतौर वेतन मिल रही है बल कट्टे कम पड़ जा रहे हैं.
भ्रष्टाचार..! भ्रष्टाचार तो हो ही नहीं दे रहा है बल, ऊपर से नीचे तक सब सुधर गए हैं. घोषणा पत्रों का अक्षरश: पालन हो रहा है और मरीजों का तो 108 में इलाज हो रहा है. कहीं जाने की जरूरत ही नहीं ठैरी. ठाट हो गए हैं सबके.
पलायन...! ऐसी व्यवस्था सरकार ने कर दी है कि पलायन वालों का तो फंग्यो पकड़ के उनके घर पहुंचा दिया जा रहा है. खेतों में गुनी, बांदर, सौल, सुअर आ ही नहीं दे रहे बल. ऐसी बेहिसाब पैदावार हो रही है कि खाने वाले कम पड़ जा रहे हैं. जंगल ऐसे भभक गए हैं बल उनमें घुसना मलतब जान से हाथ धोने जैसा हो जा रहा है. अरे क्या बताऊं विस्फोटक बदलाव आ गया है हो.
कुल मिलाकर राम राज आ गया है बल और क्या चाहिये आपको. बाकी द्य-द्याप्त देख लेंगे. आप बेकार में रुणि रहे हैं. इसीलिए हे..! उत्तराखण्ड अब खुशियां मनाओ, फगारि बुलाओ मंगल गीत गाओ.. एक बार फिर से जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं.
आपका अपना
