म्यार फस्क

म्यार और फस्क कुमाऊंनी भाषा के शब्द हैं। म्यार माने मेरे, फस्क माने गप, गपशप। यहां आप कविताएं, संस्मरण और लप्रेक पढ़ सकते हैं।

Monday, 12 June 2023

सीपी सर्कल की किस्सागोई

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राजुला के नाम  भाग -2 शुक्रवार का दिन था। सुबह लगभग 10 बजे नींद खुली.. लेकिन अलसाहट अब भी बाकी थी। किस्मत भली थी आज वीक ऑफ था। कुछ देर और सो...
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Sunday, 3 July 2022

मेर पहाड़

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जब भी मैं बैठता हूं पहाड़ और प्रकृति के नज़दीक देखता हूं - क्षितिज से गिरते झरने कल-कल छल-छल सुनाई देती है हवाओं की सूंसाट और नदी/गाड़ो...
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Friday, 21 January 2022

राजुला के नाम... ✍

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कुछ वर्ष पूर्व लिखी गई यह रचना आज किताबों को खंगाते हाथ लगी। क्या दिन थे...! उन दिनों लिखने की चाह ऐसी थी कि कुछ ही समय में कई पन्ने रंग जात...
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Friday, 9 November 2018

उत्तराखंड से सीधी बात

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स्थापना दिवस की बधाई उत्तराखण्ड. सुनो तो सही, बीते सालों में जो हुआ सो हुआ. कई बार भूत को भूल जाना श्रेयस्कर होता है. आप भी कोशिश कर...
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Wednesday, 10 January 2018

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गुरू... हमें ना सताइए प्रतीकात्मक तस्वीर मारिए, मारिए कस के मारिए हर स्टाइल से मारिए ऊपर - नीचे, दाएं - बायें धुआं उड़ाइये, ...
Wednesday, 5 July 2017

पहली किश्त, बचपन की

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पूष की एक शाम घाटी में एक छोटे-से टीले पर बैठे-बैठे मैं क्षितिज की ओर टकटकी लगाए देख रहा था। दूर पहाड़ पर चीड़ के पेड़ निःशब्द खड़े थे, ...
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Tuesday, 29 November 2016

शरत की ‘खोवी’

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शरद ऋतु अपने अंतिम पड़ाव पर है, तो जाहिर-सी बात है बागों में क्या, कहीं भी बहार देखने को नहीं मिलेगी। क्योंकि वर्षा काल में  जमीन पर क...
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Bhaskar Sharma (भास्कर शर्मा)
I am from Uttarakhand and associated with journalism field since 2014. I have got the opportunity to work in organizations like Navodaya Times, Pioneer and Dainik Jagran so far.
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